ये दौलत ये शौहरत और अल्हड़ जवानी, लोगों ने समझी बस यही जिंदगानी। गए भूल ख़ुशियाँ वो बच…
Dosti Shayari| gskidiary सिर्फ़ दोस्त बन रहा है कोई, कहीं दोस्ती निभा रहा है कोई, क…
Shayari| gskidiary हारे हैं तो क्या हुआ, सफ़र तो अभी भी जारी है। मुझे पता है मेरी एक …
Hindi shayri|gskidiary बन बैरागी त्याग दिया, मैंने सारे सम्बन्धों को। ये दुनिया एक …
मित्र बनते हैं बिछड़ते हैं "गुरु" कुछ याद रखते हैं कुछ भूल जाते हैं कुछ परस…
सूरज उदय हुआ है तो अस्त भी होगा। परिश्रम संग धैर्य रख तेरे पास समस्त होगा।।
पंचतत्व निर्मित तन माटी का, माटी में मिल जाना है। फिर भी अभिलाषा सौंदर्य का, रंगत शश…
ख़ुद को फ़िर से पाया मैंने सुनसान सड़क पर अचानक से। ख़ुद को मरते हुए बचाया सुनसान सड़क प…
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